मेहंदी हसन का नाम सुनते ही जहन में उनकी गाईं गजलें गूंजने लगती है। गजल और मेहंदी हसन एक दूसरे के पर्याय माने जाते रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे मेहंदी हसन तो दुनिया में आए ही गजल गाने के लिए थे। उनके निधन के साथ ही गजल गायकी की दुनिया में भी एक खालीपन सा देखा गया। जानिए उनके जीवन से जुड़ी खास बातें।
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